कल 17 जुलाई को लखनऊ में लोक भवन के सामने जिस तरह से अमेठी से आई मां बेटी ने आत्मदाह किया, योगीराज में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस प्रशासन की मनमानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।

इसके साथ ही सवाल उठने लगे हैं इस देश के मीडिया पर, जो मौका देख कर सवाल उठाता है। जो गैर भाजपा शासित राज्यों में होने वाली किसी भी घटना को कई गुना बढ़ा चढ़ाकर दिखाता है और नाल सिर्फ सवाल उठाता है बल्कि सरकार को घेरने में बदजुबानी की सारी हदें पार कर जाता है।

वही मीडिया भाजपा शासित राज्यों में घटित हुई बड़ी से बड़ी घटना पर भी चुप्पी साध लेता है। मुख्यमंत्रियों से सवाल करने के बजाए छोटे पदों पर बैठे किसी शख्स पर सवाल उठाता है।

मीडिया के इसी दोहरे चरित्र पर अब सवाल उठ रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं।

इसी क्रम में पत्रकार मोहम्मद जुबेर ने लिखा- ‘मीडिया में इस घटना को लेकर कोई गुस्सा नहीं दिख रहा है, क्योंकि यह घटना केरल या बंगाल में नहीं घटित हुई है।’

मोहम्मद जुबेर यह प्रतिक्रिया AAP नेता डॉक्टर छवि यादव के उस ट्वीट को कोट करते हुए देते हैं जिसमें आत्मदाह करती महिलाओं का वीडियो डालकर उन्होंने लिखा था-

गरीबों लाचारों की ईश्वर रक्षा करे। उत्तर प्रदेश मौत का प्रदेश बन चुका मजलुमो के लिए ! अमेठी की दो महिलाओं ने गुंडागर्दी और प्रशासन की उदासीनता से परेशान होकर लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश करी ! रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना।योगी राज में रावण राज्य आ चुका है यूपी में !

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