योगी आदित्यनाथ के शासन वाले उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का ज़िम्मा संभालने वाली पुलिस ही लुटेरी बन गई है। सीएम योगी के गृह ज़िला गोरखपुर में पुलिसकर्मियों ने एक लूट की वारदात को अंजाम दिया है।

आरोपी पुलिसकर्मियों के पास से लूट की चीज़ें बरामद कर उन्हें बरख़ास्त कर दिया गया है।

घटना गोरखपुर बस स्टेशन की है। यहां बुधवार को महाराजगंज जिले के दो सर्राफा कारोबारियों के साथ लूटपाट की गई थी।

बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने सर्राफा कारोबारियों को चेकिंग के बहाने अगवा कर उनसे 30 लाख रुपए लूट लिए। घटना को अंजाम देने में जनपद के एक दारोगा और दो सिपाही शामिल थे।

घटना का ख़ुलासा बस स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैसरे से हुआ, जिसके बाद गोरखपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को इन लुटेरे पुलिसवालों को दबोच लिया। इन लुटेरे पुलिसकर्मियों के पास से 19 लाख रुपए नगद और लगभग इतने ही रुपयों की ज्वैलरी बरामद की गई है।

कुछ पुलिसकर्मी पड़ोस के जनपद बस्ती में तैनात थे। जिस थाने में इनकीं तैनाती थी उसके थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनएसए और गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।

इस मामले में बस्ती के थाने में तैनात 8 अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है। घटना के अनावरण से यह पता चलता है कि गैंग कई जिलों में ख़ाकी की आड़ में लूटपाट कर रहा था।

पीड़ित सर्राफा कारोबारियों की पहचान दीपक वर्मा और रामू वर्मा के रूप में हुई है। दोनों महराजगंज के निचलौल कस्बे के रहने वाले हैं।

वहीं इस मामले में पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा- “गोरखपुर में ग़ज़ब हो गया! 30 लाख की ज्वेलरी की लूट हुई थी और 24 घंटे से जाँच हो रही थी।

अब पता चला है कि यह लूट बस्ती पुलिस के दरोगा ने अपने सिपाहियों के साथ मिल कर की थी। UP में अब पुलिस डकैती कर रही है, वो भी अलग अलग जिलों में जाकर।

इतना तो वेबसीरीज वाले भी नहीं सोच पाते!”

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