UP Police
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कोरोना को लेकर मीडिया ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ जो प्रोपगंडा चलाया उसका असर अब जगह – जगह देखने को मिल रहा है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से सामने आया है। जहां एक गांव में साम्प्रदायिक तत्वों ने अपनी बस्ती में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।

मामला हंडिया के सैदाबाद स्थित दूसौती गांव का है। यहां हिन्दू समाज की ठेकेदारी करने वाले कुछ अराजक तत्वों ने एक पोस्टर के ज़रिए बस्ती में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। पोस्टर में मुसलमानों के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल के साथ लिखा गया, “कठमुल्लों का प्रवेश वर्जित है”।

इस पोस्टर के बारे में जब पुलिस को पता चला तो वो मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। पुलिस की पड़ताल में छह लोगों का नाम सामने आया, जिनके खिलाफ़ पुलिस ने केस दर्ज किया है। इनमें से पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है।

पुलिस का कहना है कि तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक तस्वीर के आधार पर ये कार्रवाई की है। दरअसल आरोपियों ने भड़काऊ पोस्टर के साथ अपनी तस्वीर भी खिंचवाई थी। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरस हो रही थी। जब इस तस्वीर पर पुलिस की नज़र पड़ी तो वो फौरन सक्रिय हो गई।

हंडिया इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तस्वीर में जो छह लोग दिखाई दे रहे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। इनके खिलाफ चौकी प्रभारी की तहरीर पर धार्मिक भावनाएं भड़काने, दो समुदायों में वैमनस्यता फैलाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें संजय कुमार, अश्विनी पांडे, शिव बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अरुण कुमार, अनिल कुमार व विकास की तलाश की जा रही है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण को लेकर मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले दिल्ली, लखनऊ और इंदौर में भी कुछ इसी तरह का मामला देखने को मिला था। इंदौर में जहां पोस्टर लगाकर मुस्लिम व्यापारियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था वहीं दिल्ली और लखनऊ में तो हिन्दू इलाकों में मुस्लिम सब्ज़ीवालों से बदसलूकी तक की गई थी।

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