भारत के धार्मिक हिन्दू नेताओं के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई है।

मौके से पुलिस को महंत नरेंद्र गिरि द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

बताया जाता है कि महंत नरेंद्र गिरि का शव इलाहाबाद में अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास से मिला है।

महंत नरेंद्र गिरि द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में उन्होंने अपने ही एक शिष्य आनंद गिरि पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद पुलिस द्वारा आनंद गिरि को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है।

बता दें, बीते दिनों महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच कुछ विवाद हुआ था।

इलाहाबाद के नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि महंत नरेंद्र गिरि को उनके आवास में अपने कमरे में फांसी पर लटका हुआ पाया गया है।

इस मामले में राष्ट्रीय लोकदल के नेता प्रशांत कनौजिया ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि

इलाहाबाद में महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत हो जाती है लेकिन मीडिया चुप है। यही मामला अगर किसी गैर-भाजपा सरकार वाले राज्य में होता तो भाजपा प्रवक्ता छोड़ो एंकर इसे हिंदुत्व हमला बता देते। हिन्दू ख़तरे में नहीं बल्कि भाजपा का देश बेचो अभियान ख़तरे में हैं।

गौरतलब है कि भाजपा शासित राज्यों में अक्सर हिंदुत्व के मुद्दे पर नेताओं द्वारा जमकर राजनीति की जाती है।

लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में घटित घटना पर भाजपा के नेताओं और भाजपा समर्थित मीडिया द्वारा चुप्पी साधी हुई है। जोकि अपने आप में ही एक बड़ा सवाल है।

दरअसल कई बार देखा गया है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में अगर मंदिर के पुजारी पर हमला होता है। तो अक्सर उसे हिंदुत्व के खतरे में होने का नाम दिया जाता है।

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