प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र में भले ही मतदान संपन्न हो चुका हो मगर वहां पर आपसी टकराव की खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

27 फरवरी को मतदान प्रक्रिया के दौरान कुंडा में जिस तरह तनाव की स्थिति बनी हुई थी, उसी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि यहां चुनाव बाद भी सबकुछ ठीक नहीं होने वाला है।

राजा भैया के वर्चस्व वाले इस इलाके में वैसे तो कोई भी प्रत्याशी खुलकर अपना प्रचार तक नहीं कर पाता है मगर इस बार समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव ने जोर-शोर से प्रचार करके अपनी दावेदारी की।

जिससे टकराव की स्थिति ऐसी बनी कि चुनाव वाले दिन ही सपा प्रत्याशी गुलशन यादव की गाड़ी पर हमला हो गया।

मगर कुंडा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी एक दूसरी घटना, जिसमें राकेश पासी नाम का एक व्यक्ति पीड़ित बताया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी के इस पोलिंग एजेंट ने आरोप लगाया है कि मतदान प्रक्रिया के बीच राजा भैया आए और उसका अपहरण कर ले गए, जातिसूचक गालियां दी और बुरी तरह से मारा पीटा।

क्योंकि पीड़ित अनुसूचित जाति का है तो मामला दलित उत्पीड़न का भी बन रहा है। इसलिए राजा भैया पर एससी एसटी एक्ट के तहत कार्यवाई करने की मांग की गई है।

राजा भैया के साथ साथ सुभाष सिंह गोपाल केसरवानी और 15 अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

राकेश पासी की तहरीर के बाद पूरे सूबे में यह चर्चा होने लगी है कि कहीं ये मामला राजा भैया की गिरफ्तारी का कारण न बन जाए और अगर ऐसा होता है तो उनके बड़े-बड़े दावों का क्या होगा?

जैसे कि उन्होंने एक दावा किया है कि हम उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार नहीं बनने देंगे।

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