लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा है कि

“यूपी के जिला लखीमपुर खीरी में 3 कृषि कानूनों की वापसी की माँग को लेकर आन्दोलन कर रहे किसानों पर केन्द्रीय मंत्री के पुत्र द्वारा कथित तौर पर कई किसानों की गाड़ी से रौंद कर की गई हत्या अति-दुःखद।

यह भाजपा सरकार की तानाशाही व क्रूरता को दर्शाता है, जो कि इनका असली चेहरा भी है”।

उन्होंने आगे कहा है कि “इस घटना के सम्बंध में भी पीड़ितों को सरकार से उचित न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट इस दुःखद घटना का स्वंय ही संज्ञान ले, बीएसपी की यह माँग।

साथ ही, बीएसपी के स्थानीय प्रतिनिधिमण्डल को भी घटनास्थल पर जाने का निर्देश”।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैट ने ट्वीट किया, “लखीमपुर खीरी नरसिंहगढ़ में दोषी अजय टेनी वह उनका बेटा मोनू सैनी 8 हत्याओं का दोषी है। साजिश में शामिल केंद्रीय राज्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर बेटे सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए”।

इस नरसंहार की सभी पार्टियों के नेताओं ने कड़ी निंदा की है और सरकार पर जोरदार निशाना साधा है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना को लेकर कई जगह तनाव का माहौल है। मौके पर भारी पुलिसबल और PAC की कंपनियां तैनात हैं।

रविवार को किसानों की मौत के बाद माहौल बिगड़ा था। इस घटना में 4 किसानों समेत आठ लोगों की मौत हुई। इस घटना के बाद सियासत गरमा गई है।

कई नेताओं को लखीमपुर खीरी में जाने से रोका गया है। लखीमपुर के डीएम ने गाड़ी के नीचे दबने से 4 मौतों की पुष्टि की है,

जबकि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र ने 4 कार्यकर्ताओं की हत्या किए जाने का दावा किया है। उन्होंने अपने बेटे अजय मिश्र घटनास्थल पर मौजूद होने से इनकार भी किया।

आरोप है कि उनकी गाड़ी के कुचलने से किसानों की मौत हुई है। इस घटना के बाद से सियासत और गरमा गई है। भाजपा सरकार पर विपक्ष तानशाह होने का आरोप लगा रहा है और पीड़ितों को न्याय देने की मांग कर रहा है।

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