पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘खेला होबे’ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘खदेड़ा होबे’ का नारा लगाया गया था। इस नारे को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जोर-शोर से लगाया था।

आज हरतरफ उत्तर प्रदेश चुनाव में इसी नारे की गूंज सुनाई पड़ रही है। भाजपा के कद्दावर नेता व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मंत्रीमंडल से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है।

स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ कई भाजपा विधायकों ने इस्तीफा सौंप दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता हैं।

पूर्ववर्ती मायावती सरकार में काफी अहम जिम्मेदारी वाले पद संभाल चुके हैं। बेटी संघमित्रा मौर्या बदायूं से लोकसभा सांसद हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने सिर्फ इस्तीफा नहीं बल्कि भाजपा सरकार पर बड़े आरोप भी लगाएं हैं।

उन्होंने राज्यपाल को सौंपे इस्तीफे में भाजपा को विपरित विचारधारा वाली पार्टी बताया है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर दलित,पिछड़े,किसान,नौजवान और व्यापारियों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया है।

स्वामी प्रसाद मौर्या के इस्तीफे पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट करते हुए कहा कि,

“आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है मैं नहीं जानता हूँ उनसे अपील है कि बैठकर बात करें जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं”

केशव प्रसाद मौर्या बैठकर बात सुलझाने की बात कह रहे हैं जबकि स्वामी प्रसाद मौर्या तो समाजवादी पार्टी में शामिल भी हो गए।

रोहित कुमार नाम के ट्विटर यूजर्स ने लिखा कि, “आप भी आईये यदी आपको स्टूल से बराबर वाली कुर्सी पर बैठना है तो”

आपको बता दें कि, कुछ दिन बाद ही यूपी में विधानसभा के चुनाव होने हैं ऐसे में पिछड़े नेताओं के ऐसे आरोप लगाना भाजपा को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। बताया जा रहा है कि कई पिछड़े-दलित विधायक व नेता भाजपा छोड़ सकते हैं

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