बीते दिनों उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला अस्पताल में एक बच्ची से पोछा लगवाने की वीडियो सामने आई थी जो कि सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। अब खबर सामने आ रही है कि इस वीडियो को बनाने वाले स्थानीय पत्रकार अमिताभ रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि योगी सरकार के राज में जनता के बीच सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव होना आम बात हो गई है। जहां देवरिया अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी।

वहीँ इस वीडियो के जरिए लोगों के बीच अस्पताल प्रशासन की इस शर्मनाक हरकत को दिखाने वाले पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन की इस हरकत के बाद देवरिया में स्थानीय पत्रकारों ने प्रदर्शन किया है।

पत्रकार के खिलाफ शिकायत करने वाले प्राइम क्लीनिंग सर्विसेज के सुपरवाइजर शत्रुघन यादव का कहना है कि 25 जुलाई को मेडिकल वार्ड में एक महिला खून चढ़ाने के लिए भर्ती हुई थी। इस दौरान उसकी बच्ची ने अस्पताल की गैलरी में टॉयलेट कर दी। वहां पर मौजूद पत्रकार ने बच्ची को उकसा कर पोछा लगवाया और इसकी वीडियो बना ली।

अस्पताल प्रशासन की इस हरकत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों की वीडियो शेयर कर आइस हॉकी इंडिया के सचिव वेदांक सिंह ने ट्वीट किया है कि देवरिया अस्पताल का वीडियो जिसमें बच्ची से पोछा लगा रही थी सोशल मीडिया पर वायरल था।

अब दोषियों पर कार्यवाही करने की जगह वीडियो बनाने वाले पत्रकार पर ही मुक़दमा हो गया है। महाराष्ट्र से लेकर उत्तरप्रदेश तक FIR अब फ़ैशन बन चुका है। सच दिखाने वालें अब डरें।

वेदांक सिंह के इस ट्वीट को रीट्वीट कर पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा- ‘मिर्जापुर से लेकर हरदोई तक और बनारस से लेकर देवरिया तक, उत्तरप्रदेश में पत्रकारों का सच बोलना मना है। बच्चे अस्पताल में पोछा लगाते रहें, नमक रोटी खाते रहें, विधायक दबंगई दिखाते रहें, पर सच बोलने का इनाम FIR है। मुकदमे से मुँह बंद करना क्या सच्चाई बदल देगा? जंगलराज का कारण यही है।’

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