रविवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों का विरोध करने पहुंचे किसान प्रदर्शनकारियों पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा द्वारा गाड़ी चढ़ाकर कुचलने के आरोप लगे हैं। जिसके बाद से ही उत्तर प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है।

किसानों संग विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

वहीं केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का कहना है कि जब लखीमपुर खीरी में यह घटना घटी तो ना ही वह और ना ही उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद थे। इस घटना में हमें फंसाने की कोशिश की जा रही है

इस मुद्दे पर एबीपी गंगा ने पूरी घटना का सच सामने लाने के लिए चश्मदीद सिपाही से बातचीत की है।

चैनल रिपोर्टर विवेक त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया है कि किस तरह से पूरा विवाद शुरू हुआ।

दरअसल मौके पर मौजूद एक सिपाही ने बताया है कि जिस तरह से भाजपा नेता अजय मिश्रा कह रहे थे कि इस घटना के दौरान मौके पर उनका बेटा मौजूद ही नहीं था। यह बिल्कुल गलत है।

चश्मदीद सिपाही ने बताया है कि आशीष मिश्रा वहां पर थे और वही गाड़ी चला रहे थे।

उन्होंने बताया कि किसानों को पीछे से टक्कर मारी गई। जब वो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाकर वापस लौट रहे थे। उस दौरान केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने अपनी गाड़ी किसानों पर चढ़ा दी।

आशीष मिश्रा की गाड़ी के पीछे तीन गाड़ियां और चल रही थी। उनकी गाड़ी के नीचे तीन-चार किसान कुचले गए।

जिसके बाद गुस्से में आकर किसानों ने गाड़ियों में लाठी-डंडों से तोड़फोड़ की। इसके साथ ही पथराव किया गया।

जिसके बाद भाजपा नेता के बेटे द्वारा किसानों पर गोलियां चलाई गई। जिसमें से एक गोली एक किसान को लग गई।

मौके पर किसान की मौत होने के बाद किसान प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।

जिसके बाद किसानों ने गाड़ियों में आगजनी और तोड़फोड़ की किसानों का गुस्सा बढ़ता देखकर किसी तरह से भाजपा नेता का बेटा अपने समर्थकों संग वहां से अपनी जान बचाकर निकल गया।

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