उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामले में नंबर वन बना हुआ है, ये सिर्फ एनसीआरबी के आंकड़े नहीं हैं बल्कि सबसे बड़े प्रदेश की शर्मनाक सच्चाई भी है और ऐसी सच्चाई पर बार-बार प्रकाश डालते हैं।

उन्नाव और हाथरस जैसे मामले, जहां महिलाओं पर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी जाती हैं और पुलिस प्रशासन भी पीड़ित परिवार से दुर्व्यवहार करता नजर आता है।

कल उन्नाव में बंधी हुई पाई गई तीन लड़कियों में दो लड़कियों की मौत हो चुकी है और एक लड़की का इलाज चल रहा है, मृत पाई गई दोनों लड़कियों का ताल्लुक दलित समाज से है।

घटना की खबर मिलते ही देशभर में लोग गुस्सा जाहिर कर रहे हैं साथ ही योगी सरकार के पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों को आशंका है कि यूपी पुलिस पीड़ित परिवारों के साथ हाथरस जैसा व्यवहार कर सकती है।

भीम आर्मी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और अब आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने घटना की निंदा करते हुए तमाम मांगे की है।

उनकी मांग है कि तीसरी बच्ची जो जीवित है, उसका इलाज एम्स दिल्ली में हो और अन्य दो बच्चियों के शव का पोस्टमार्टम भी एम्स में वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए हो।

इसके साथ ही चंद्रशेखर आजाद ने मांग की है कि पोस्टमार्टम के पैनल में एससी एसटी वर्ग के डॉक्टर जरूर शामिल हों।

 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर के महीने में हाथरस में एक नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी के बाद प्रदेश में जमकर बवाल मचा हुआ था, जब पुलिस प्रशासन की सख्ती पीड़ित परिवार पर दिखाई जा रही थी और पीड़िता के शव को आधी रात को जला दिया गया था।

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