मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में बच्चियों और महिलाओं के साथ लगातार हो रही रेप की घटनाओं ने सरकार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाथरस और बलरामपुर के बाद अब कानपुर देहात में 8 दिनों से लापता चल रही दलित बच्ची की खबर ने सनसनी मचा दी है। ये मामला कानपुर देहात के रूरा गहोलिया गांव का है।

बताया जा रहा है कि नाबालिग बच्ची कुछ दिनों पहले शौच के लिए निकली थी। उसके बाद वो लापता हो गई।

गायब होने के बाद से उसकी तलाश की जा रही थी लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। आज दलित बच्ची के शव के अवशेष खेतों में पड़े मिले हैं।

आरोप है कि बच्ची के लापता हो जाने के बाद पुलिस में शिकायत भी की गई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बच्ची को किसने मारा है। इसकी वजह क्या हो सकती है। अभी इसका कुछ पता नहीं लगा है।

फ़िलहाल बच्ची के शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बच्ची के शव की पहचान परिजनों ने उसके कपड़े से की।

बता दें कि बच्ची के सिर के बाल जबड़ा, कपड़े मौके से मिले हैं। इस बात की जांच भी की जा रही है कि बच्ची के साथ रेप तो नहीं हुआ।

इस मामले में भारत समाचार के एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्रा ने योगी सरकार और यूपी पुलिस को घेरा है।

उन्होंने लिखा- “दरिंदगी, हैवानियत और पाश्विकता जैसे शब्द अब छोटे पड़ गए हैं हैं। कानपुर देहात में एक दलित बेटी की लाश 4 टुकड़ों में मिली है। 8 दिन पहले उसका अपहरण हुआ था। घर वाले रेप के बाद हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस घटना वाले दिन से तमाशबीन थी और आज टुकड़ों में मिली खौफनाक लाश पर भी।”

इससे पहले भी भारत समाचार ने हाथरस मामले में यूपी पुलिस और डीएम को खुली चुनौती दी थी। भारत समाचार के एडिटर इन चीफ ने कहा था कि भारत समाचार की टीम पीड़ित परिवार के करीब रहेगी। हम भी देखेंगे कि तुम, इस दलित परिवार का क्या कर लोगे।

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