New Delhi – देश में बढ़ती बेरोज़गारी Unemployment को लेकर युवाओं ने केंद्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। वो अपना विरोध दर्ज करने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ NationalUnemploymentDay मना रहे हैं।

नौजवानों के इस विरोध प्रदर्शन का असर ट्विटर पर व्यापक तौर पर देखने को मिल रहा है। ट्विटर पर इस वक्त #NationalUnemploymentDay ट्रेंड कर रहा है। इस ट्रेंड से लगातार नौजवान जुड़ रहे हैं और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ ट्विटर के ज़रिए बुलंद कर रहे हैं।
ग़ौरतलब है कि पिछले कई दिनों से इस विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। ट्विटर पर छात्रों और अभ्यर्थियों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही थी। 11 सितंबर से ही ट्विटर पर #राष्ट्रीय_बेरोज़गार_दिवस ट्रेंड कर रहा था।
इस ट्रेंड से जुड़े ट्वीट्स को देखने पर पता चला था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर यानी 17 सितंबर को देश के युवा 17 बजकर 17 मिनट पर सोशल मीडिया के ज़रिए बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ अपना विरोध दर्ज करेंगे।

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ट्विटर पर चलाई जा रही इस मुहिस को देशभर के बेरोज़गार नौजवानों का समर्थन मिला और देखते ही देखते ट्विटर पर #NationalUnemploymentDay टॉप ट्रेंड बन गया। ख़बर लिखे जाने तक इस ट्रेंड पर 163 हज़ार लोगों के ट्वीट्स आ गए। सबने इस हैशटैग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेरोज़गारी को लेकर सवाल पूछना शुरु कर दिया। लोगों ने पीएम से पूछा कि आखिर 2 करोड़ नौकरी देने के वादे का क्या हुआ?

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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पूर्व दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। युवाओं को रोज़गार नहीं मिला। हद तो तब हो गई जब सरकार के कुछ फैसलों के कारण कई नैकरी कर रहे नौजवानों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद कई नौजवानों का रोज़गार कोरोना की भेंट चढ़ गया। इससे देश के युवाओं का गुस्सा बढ़ गया और उसने सरकार के ख़िलाफ़ हल्ला बोल दिया।
इससे पहले 5 और 9 सितंबर को भी नौजवानों ने ट्विटर के ज़रिए बेरोज़गारी के खिलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की थी। 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के रोज़ छात्रों ने देशव्यापी ट्रेंड चलाया था। जिसमें अपील की गई थी कि अपने-अपने घरों में 5 बजे 5 मिनट के लिए ताली-थाली बजाएं। इस अपील का असर भी देखने को मिला था। बड़ी तादाद में छात्रों ने इस मुहिम से जुड़ते हुए ताली-थाली बजाई थी। इसी तरह 9 सितंबर को दिया जलाकर छात्रों ने बेरोज़गारी के खिलाफ़ अपना विरोध दर्ज किया था।

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