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Uttar Pradesh
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मोदी सरकार मानो नशे में चूर हो गई है। क्योंकि सरकार के एक गलत फैसले के कारण देश को भयानक नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। सरकार ने देशभर में शराब की दुकानें खोल दीं। शराब की दुकानें खोलने का नतीजा देश को 14 दिन बाद देखने को मिलेगा सकता है।

आज यानि मंगलवार को कोरोना मरीज़ों का आँकड़ा 46433 है। इसीलिए आँकड़ा अगर बाढ़ की तरह बढ़ा तो मान लीजियेगा कि इस बार शराबी नहीं सरकार नशे में थी। केंद्र की मोदी सरकार ने लॉकडाउन 3 में शराब की दुकानों को खोलने की इजाज़त दे दी। इस बीच सोशल डिस्टनसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।

ऐसे में किसी अनहोनी को सरकार की तरफ से ही दावत दे दी गई। शराब के ठेके खोलने के विपरीत परिणाम देश के कोने-कोने से आ रहे हैं। शराबियों का उत्पात सड़कों पर भी देखने को मिला है।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शराबी पति ने शराब के लिए पैसे नहीं देने पर गर्भवती पत्नी को गोली मार दी। 25 वर्षीय पत्नी नेहा को उसके 4 साल के बेटे के सामने ही शराबी पति ने गोली मारी और वहां से फरार हो गया। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। घटना जौनपुर के सरपतहां के भटौली गांव की है। मृतक नेहा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने शराबी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

लेकिन, शराब की दुकानें खोलने का फैसला देश के हर उस आदमी के साथ धोखा है जिसने 40 दिन तक, जान है तो जहान है, का पाठ पढ़ा कर घर बिठाया। अब अगर शराब की दुकानें खोलने की वजह से कोरोना के मामले बढ़ते हैं तो न जाने लोगों को और कितने दिन घर में बंद होना पड़ेगा।

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