न्यूज़ 18 और CNBC पर हर रोज धार्मिक मामलों पर बहस करने एंकर अमिश देवगन ने मौन धारण किया हुआ है। वो अपने सोशल मीडिया पर अपने ही चैनल के पत्रकार के साथ बदसलूकी पर चुप्पी साधे हुए है।

हमेशा राममंदिर और बाबरी मस्जिद पर बहस करने वाले अमिश देवगन टीवी स्टूडियो में बैठकर लम्बी लम्बी बातें करते है मगर जब अपने साथ पत्रकारों की बात आती है मौन धारण कर लेते है।

दरअसल आज उत्तराखंड के खानपुर से बीजेपी विधायक प्रणव चैंपियन ने न्यूज़ 18 के एक पत्रकार को सवाल पूछने पर जान से मारने की धमकी दी। विधायक इस बात से नाराज थे की उन्हें लेकर एक रिपोर्ट चलाई गई थी।

बीजेपी विधायक ने पहले तो रिपोर्टर को फोन कर दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन बुलवाया। इसके बाद उनके साथ बदतमीजी की और पिस्तौल दिखाते हुए डराने की कोशिश की। साथ ही हाथ भी उठा लिया था मगर कैमरे के डर से उन्होंने हाथ पीछे खीच लिया।

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अब ऐसे में किसी चैनल के एंकर को क्या करना चाहिए था। उसे इस मामले पर बहस करनी चाहिए थी। मगर ऐसा नहीं हुआ वो अब भी 2019 की हार पर हाहाकार 2024 के लिए मोदी तैयार? नाम से बहस करने में लगे हुए।

ये शर्मनाक घटना है कि चैनल का पत्रकार पीटा जा रहा है और एंकर अभी राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के चुनाव अगले चुनाव की तैयारी बता रहें है। ऐसे में पत्रकारिता किसके भरोसे चलेगी ये तो चैनल ही जाने। मगर अपने ही पत्रकार के लिए बहस ना करना और एक्शन की मांग ना करना कहीं से सही नहीं है।

क्या चैनल बीजेपी विधायक प्रणव चैंपियन के इस्तीफे की मांग करते हुए बहस नहीं कर सकता था? क्या एंकर के पास इतनी ताकत नहीं होती कि वो किसी मुद्दे पर बहस करवा सके वो भी तब जब उसके अपने रिपोर्टर को बंदूक दिखाकर डराया जा रहा हो।

आपको बता दें कि, बीते दिन भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने न्यूज-24 के पत्रकार को बेरहमी से पीटा था। ऐसे वक्त में जब कवरेज पर निकला पत्रकार पीटा जाता हो तब सभी मीडिया संस्थानों को एकजुटता से पत्रकार के साथ खड़ा होना चाहिए।