rahul gandhi
Rahul Gandhi

पिछले साल पुलवामा में हुए सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के एक साल पूरे हो गए हैं। आज पूरा देश 2019 के 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमला को याद कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए इस भयावह आत्मघाती बम धमाके में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे एक कार से सीआरपीएफ जवानों की बस को सामने से टक्कर मार दिया था। इस वाहन में सीआरफीएफ के 40 जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस आतकवादी हमले के बाद देश में सरकार को लेकर बहुत सवाल खड़े होने लगे की इतनी बड़ी चूक आखिर हुयी कैसे। केंद्र की मोदी सरकार पर इसलिए भी सवाल उठने लगे क्यूंकि यह अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला था जिसमे देश के 40 जवान शहीद हो गए।

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इस हमले को आज एक साल हो गए हैं लेकिन इसकी जाँच अभीतक पूरी तरह से सम्पन नहीं हो पायी है। जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्टीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने ट्वीट कर सरकार से पूछा है कि ”हमले से सबसे ज्यादा किसे फायदा हुआ? हमले में जांच का परिणाम क्या है? बीजेपी सरकार हमले की सुरक्षा चूक के लिए अभी तक किसे जवाबदेह ठहराया है?”

बता दें की बता दें कि पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले को लेकर लोग सवाल खड़े करते हैं की आखिर जम्मू-कश्मीर में जब इतना बड़ा सेना का काफिला जा रहा था, तब वहां पर एक मामूली गाड़ी कैसे रास्ते में आ गयी थी। उसमें इतना विस्फ़ोटक भरा हुआ था कि सीआरपीएफ की पूरी गाड़ी उड़ गयी थी। देश में सेना पर इतने बड़े स्तर पर हमला कभी नहीं हुआ था।

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इस पुलवामा हमले के ठीक बाद जुलाई में लोकसभा का चुनाव हुआ जिसमे बीजेपी के नेता और खुद प्रधानमंत्री मोदी ने पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट तो मांगे लेकिन आज उन शहीद परिवारों की क्या स्थिति है कोई जानने नहीं जाता है।

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