अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में प्रशासन की एक और बदसुलूकी सामने आई है. मृत युवती की मां का आरोप है कि पुलिस ने अंतिम संस्कार से पहले बेटी का चेहरा देखने तक नहीं दिया.

उनकी इच्छा थी कि अंतिम संस्कार से पहले वह एक बार बेटी का चेहरा देख सकें, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं होने दिया.

उनका यह भी आरोप है कि पुलिस उनको बेटी के अंतिम संस्कार से पहले यह बताकर ले गई थी उन्हें बेटी के पास ले जाया जा रहा लेकिन उन्हें बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया.

प्रशासन का कहना है कि अंकिता की मां बीमार है. उनको चक्कर आ रहे थे. इस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लेकिन अंकिता की मां ने कहा कि वह बिल्कुल ठीक हैं. पुलिस उनके विषय में यह झूठी जानकारी दे रही. उनको जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया है और ड्रिप चढ़ाई गई है.

उनका कहना था कि मैं लोगों से राय लेकर बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने बिना बताए बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया.

बता दें कि यह घटना हाल ही में उत्तराखंड में घटी. जहां पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित ने अपने रिजॉर्ट में काम कर रही युवती अंकिता भंडारी को यौन संबंध न बनाने कारण मौत के घाट उतार दिया.

सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के बाद घटना ने तूल पकड़ा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया.

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