छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के उत्पीड़न के लगातार मामले सामने आते जा रहे हैं। रमन सिंह सरकार में तेजी से हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न के ट्रेंड को मानो बघेल सरकार ने आगे बढ़ाने का संकल्प ले लिया है। तभी तो एक हालिया घटना में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पत्रकारों से मारपीट का आरोप लगा है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के कांकेर में दो पत्रकारों की पिटाई का मामला सामने आया है और गुंडागर्दी का आरोप कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगा है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पत्रकार कमल शुक्ला को कुछ दबंग गाली देते हुए बुरी तरह से पीट रहे हैं। भीड़ का शिकार कमल शुक्ला किसी तरह से अपनी जान बचाते दिख रहे हैं।

स्थानीय खबरों के मुताबिक, पत्रकार कमल शुक्ला वहां के कलेक्टर के खिलाफ कुछ बयान दिए थे, जिसे पत्रकार सतीश यादव ने छापा था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले पत्रकार सतीश यादव की पिटाई की तो उन्हें न्याय दिलाने के लिए कमल शुक्ला थाने पहुंचे।

उसके बाद दबंगों ने कमल शुक्ला को भी निशाना बनाया और सरेआम उनकी पिटाई कर दी।

इससे पहले पत्रकार कमल शुक्ला तमाम फेसबुक पोस्ट डाल रहे थे। साथ ही पीड़ित पत्रकार का वीडियो भी अपनी टाइमलाइन पर अपलोड किए थे, जिसमें वह बता रहा है कि कैसे तमाम स्थानीय नेता दबंगई दिखा रहे हैं। इसी वीडियो में पीड़ित पत्रकार ने दावा किया है कि उसे पुलिस थाने तक दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।

मारपीट की ये घटना, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगा ये आरोप; इस बात की पुष्टि कर देता है कि सरकारें बदल जाने से पत्रकारों के हालात में कोई भी बदलाव नहीं आने वाला है।

इससे पहले रमन सिंह की BJP सरकार में तमाम जनवादी पत्रकार तरह-तरह के उत्पीड़न का शिकार होते थे और अब बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार पर भी यही आरोप लग रहे हैं।

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