भाजपा शासित गुजरात में कोरोना संक्रमण के चलते स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। बीते 24 घंटों के अंदर गुजरात में लगभग 6 हजार कोरोना के मामले सामने आए हैं और 55 मौतें हो चुकी हैं। इस वक्त गुजरात में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामले लगभग चार लाख तक बताए जाते हैं।

इसी बीच खबर सामने आई है कि गुजरात के सूरत में कोरोना महामारी से हालात इतने बिगड़ रहे हैं कि श्मशान घाट में चिताओं के अंतिम संस्कार के लिए लाइन लग रही है।

दरअसल गुजरात में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सूरत में ही पाए जा रहे हैं। सूरत में कई श्मशान घाट कोरोना के कारण मरने वाले लोगों की चिताओं से भरे हुए हैं और कई जगहों पर पैसे लेकर जल्दी अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

इसके अलावा सूरत के ही रामनाथ घेला श्मशान घाट में चिताओं को चलाने के लिए देसी घी की जगह पेट्रोल डीजल और केरोसीन का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है।

इस मामले में श्मशान घाट में लोगों की चिताओं का अंतिम संस्कार करने वाले अर्जुन पटेल का कहना है कि हम यह जानते हैं कि इस तरह से चिताओं का अंतिम संस्कार करना अपमानजनक है। लेकिन इस वक़्त स्थिति पहले जैसी नहीं है।

हम चिताओं में डीजल और पेट्रोल इसलिए डाल रहे हैं। ताकि गीली लकड़ी होने की वजह से चिताए ठीक तरह से जल जाए। कोरोना के कारण मृतकों की संख्या अधिक है और सूखी लड़की इतनी मात्रा में नहीं है।

बताया जाता है कि सूरत में कोरोना संक्रमण से स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि एक साथ 25 मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा सके।

इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। लोगों को टोकन लेकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

यहां तक की मृतकों का अंतिम संस्कार गैस फर्नेस से भी किया जाना भी संभव नहीं है। मृतकों के परिवार चिता का अंतिम संस्कार जल्दी करना चाहते हैं। इसलिए हमें केरोसीन और अन्य ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

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