महिलाओं के साथ यौन अत्याचार और हिंसा की खबरों के आने का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है। एक घटना पर संबंधित सरकार से सवालों का सिलसिला शुरू ही होता है कि दूसरी घटना की खबर आ जाती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान से महिला उत्पीड़न की तमाम खबरों के बीच अब तेलंगना से आने वाली ख़बर इस बात की पुष्टि कर रही है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।

दरअसल तेलंगाना में एक 13 साल की बच्ची ने यौन संबंध बनाने से मना कर दिया तो उसके ही मालिक के बेटे ने ज़िंदा जला दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद बच्ची को हैदराबाद के एक अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था, और आज उसकी मौत हो गई।

ये पूरा मामला खम्माम जिले का है जो कि हैदराबाद से कुछ ही किलोमीटर दूर है।

NDTV के मुताबिक, इस 13 वर्षीय बच्ची को एक शय्याग्रस्त व्यक्ति की देखभाल करने के लिए काम पर रखा गया था।

बच्ची को काम पर रखने वाले मालिक के ही 26 वर्षीय बेटे ने 18 सितंबर को उससे यौन संबंध बनाने की कोशिश की। आरोपी ने उसके कपड़े भी फाड़े थे।

बच्ची के विरोध करने पर आरोपी ने उसपर पेट्रोल डाला और आग लगा दी जिसके कारण उसका 70 प्रतिशत शरीर जल गया। अब वो बच्ची इस दुनिया में नहीं रही।

जब इस दर्दनाक घटना को अंजाम दिया जा रहा था, तब आरोपी की गर्भवती पत्नी अपने मायके गई हुई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ़ रेप, हत्या करने का प्रयास और सबूत मिटाने की कोशिश जैसे गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया है।

13 वर्षीय बच्ची को एक उम्रदराज़ व्यक्ति की देखभाल के लिए रखना कहाँ तक सही था? यौन हिंसा से पहले भी सवाल उठता है कि क्या यह बाल अधिकारों का हनन नहीं था?

इतने दिनों बाद बच्ची का दम तोड़ना एक और सवाल खड़ा करता है- क्या उसे सही इलाज नहीं दिया गया?

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