आपको याद होगा 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नारा दिया था, “बहुत हुआ किसानों पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार।” अब 6 साल बाद यही मोदी सरकार किसानों पर अत्याचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

तीनो किसान बिल के विरोध में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से अन्नदाता दिल्ली आना चाहते हैं लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार किसानों को किसी दुश्मन की भांति रोक रही है।

चुनावों के समय अपने को किसान हितैषी कहने वाली बीजेपी अब खामोश बैठी हुई है। बीजेपी के लोग ये भी कह रहे हैं कि कोरोना है इसीलिए किसानों को दिल्ली नहीं आना चाहिए!

आप नेता स्वाति मालीवाल ने ट्वीट करके कहा है कि, “किसान हैं इसलिए कोरोना के डर से उन्हें रोक दिया, चुनाव होते तो अभी लाखों की भीड़ इकट्ठी करके भाषण सुनाते!”

गौरतलब है कि विपक्षी पार्टियों के मना करने के बावजूद बिहार में विधानसभा चुनाव करवा दिए गए, जबकि विभिन्न राज्यों में उपचुनाव कराए गए। यहां केंद्र को मोड़ो सरकार और बीजेपी को कोरोना का डर नहीं दिखाई दिया?

मोदी सरकार ने जिस तेजी से बिना राय-मशविरा करे अन्नदाता किसानों के लिए तीन कानून बनाए उसी कानून के खिलाफ आज किसान सड़कों पर उतर चुके हैं। इस कानून के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के किसान दिल्ली में दस्तक देने वाले हैं।

हरियाणा में भाजपा की खट्टर सरकार किसानों पर हर जुल्म करने पर उतारू हो चुकी है इसके लिए पुलिस उनपर भयंकर ठंढ में वाटर कैनन से पानी की बौछार की जा रही है। मानों सरकार किसानों के इस आंदोलन को कुचल देना चाहती है!

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