असम में वरिष्ठ पत्रकार पराग भूईयां की मौत ने राज्य में राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं कि पत्रकार का एक्सीडेंट हादसा नहीं। बल्कि साजिश है।

क्यूंकि वह भाजपा के कुछ नेताओं के भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश कर रहे थे। कांग्रेस ने इस मामले में पुलिस और सरकार पर सवाल उठाए हैं।

इसी बीच भाजपा शासित उत्तर प्रदेश से भी एक पत्रकार की मौत की खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पत्रकार सूरज पांडेय की मौत संदिग्द परिस्थितियों में हुई है। जिसका शव रेलवे लाइन के पास से बरामद किया गया है।

रेलवे लाइन पर शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई है। पत्रकार सूरज पांडे की मां लक्ष्मी देवी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है।

सूरज की माँ का आरोप है कि महिला दरोगा सुनीता चौरसिया, सिपाही अमर सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने सूरज को धमकाया था। उन्होंने ही उसके खिलाफ साजिश रच हत्या की है।

सूरज की मां का कहना है कि उनके पुत्र की दोस्ती पत्रकारिता के दौरान महिला दरोगा सुनीता चौरसिया से हुई थी। 11 नवंबर को महिला दरोगा के ड्राइवर अमर सिंह उनके बेटे को बुरा भला कहा था और धमकी भी दी थी।

12 नवंबर को जब सूरज घर से निकला। उसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। जिसके बाद उसका शव मिला है।

इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता सुनील कुमार यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि “उन्नाव में पत्रकार सूरज पांडेय की हत्या कर दी गई।

पुलिस वाले मामले में आरोपी हैं। योगी सरकार में सच लिखने, बोलने वाले या तो जेल में हैं या उनकी जान ले ली जा रही है। अभिव्यक्ति की स्वन्त्रता पर लंबी टिप्पणी करने वाले उम्मीद है इस बर्बर घटना का भी संज्ञान लेंगे। #पत्रकार_बचाओ”

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