साभार- ET

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का एक आम बजट पेश कर दिया है। इस बजट के साथ कई इतिहास भी बने और बदले भी गए। मसलन पहली बार किसी महिला ने बतौर वित्त मंत्री देश का आम बजट पेश किया। वहीं 159 साल बाद देश के वित्त मंत्री और लाल सूटकेस के साथ नहीं बल्कि लाल रंग की फाइल लेकर संसद पहुंची।

दरअसल देश की पहली महिला वित्तमंत्री बनी निर्मला सीतारमण ने अंग्रेजों के वक़्त से चली आ रही परंपरा को आज खत्म करते हुए बजट पेपर एक लाल रंग की फाइल में लेकर संसद के लिए रवाना हुईं। अंग्रेजों की हुकूमत के वक़्त से यानी की 1860 लाल रंग के सूटकेस में बजट दस्तावेज लेकर संसद में आने की परंपरा शुरू हुई थी।

जिसे पेश करने वाले ब्रिटेन के चांसलर ऑफ दी एक्सचेकर चीफ विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन ने पहली बार भारत का बजट पेश किया था। बजट लंबा होने के कारण लाल रंग का सूटकेस लेकर वो सदन में पहुँचते थे जिसे आज़ादी के बाद भी फॉलो किया गया। मगर अब वो इतिहास का एक हिस्सा बनकर रह गया।

इस बदलाव पर कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली। उन्होंने लिखा- हाहाहाहा बजट अंग्रेजी मे पढ़ कर अंग्रेज़ो का कल्चर ख़त्म भारतीय परंपरा को बढ़ावा।

कांग्रेस नेता ने ऐसा इसलिए कहा क्योकिं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना पूरा भाषण अंग्रेजी में ही पढ़ा। ये तो वही बात हुई गुड़ खाए गुलगुले से परहेज। सूटकेस हटाने के पीछे का जो तर्क दिया गया वो बेहद कमजोर है।

ऐसा कहना भी गलत है की ये गुलामी की निशानी है क्योंकि अगर ऐसा है तो भाषण भी हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा में होना चाहिए था ना कि अंग्रेजी में।

सिर्फ विपक्षी नेता ही नहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी निर्मला सीतारमण के इस हिप्पोक्रिसी पर सवाल उठा रहे हैं

फेसबुक पर जगीषा अरोड़ा लिखती हैं- ‘वित्त मंत्री को ब्रीफकेस इस्तेमाल करना पश्चिमी सभ्यता लगता है लेकिन अंग्रेजी में सारा बजट बोलना सही लगता है. ऐसे कैसे चलेगा वित्त मंत्री?’