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जेएनयू में हुए हमले के विरोध में मुंबई में प्रदर्शन के दौरान एक मराठी लड़की ने ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराया था। इस मामल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर निशाना साधा था। अब शिवसेना ने फडणवीस के हमलों का जवाब दिया है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा, “उस पोस्टर से विपक्ष के नेता हैरान रह गए और उनमें राष्ट्रवाद का भाव जाग उठा। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर हमला किया और पूछा कि उनकी नाक के नीचे इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियां कैसे संभव हुईं। यह आरोप इतना तुच्छ है कि इससे विपक्ष के नेता हंसी के पात्र बन गए। यह राज्य के लिए अच्छा नहीं है। विपक्ष के लिए हमें चिंता हो रही है”।

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कश्मीर के हक़ में पोस्टर लगाए जाने के सवाल पर संपादकीय में लिखा गया, “मुंबई की मराठी महिला कश्मीरियों के दर्द को समझती है। विपक्ष इसे देशद्रोह मानता है। गैरजिम्मेदारी का इससे खराब उदाहरण कुछ नहीं हो सकता”।

बीजेपी पर निशाना साधते संपादकीय में शिवसेना ने लिखा, “अगर विपक्ष और उसके समर्थकों को ऐसा लगता है कि बेखौफ होकर खुद को अभिव्यक्त करना देशद्रोह है तो यह उनके (विपक्ष) और देश के लिए अच्छा नहीं है। महक प्रभु के स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी है। शिवसेना ने आगे कहा कि वह फडणवीस का दर्द समझते हैं, उन्हें अपने जख्मों पर बाम लगाना चाहिए”।

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बता दें कि मराठी युवती महक प्रभु ने जेएनयू में हुए हमले के विरोध में मुंबई में प्रदर्शन के दौरान ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराया था। इस पोस्टर को लहराए जाने पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज करते हुए इसे देशद्रोह बताया था और सूबे की सत्तारूढ़ शिवसेना पर जमकर निशना साधा था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि महक का पोस्टर भारत के खिलाफ़ है। लेकिन बाद में जब महक से पोस्टर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनका पोस्टर कश्मीर लॉकडाउन के खिलाफ है।

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