उन्नाव गैंगरेप मामले में आखिरकार जिसका डर था वही हुआ। बीजेपी के बाहुबली विधायक के सामने केस लड़ रही पीड़िता अब जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है। रायबरेली में एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी जिसमें दो परिजनों की मौत हो गई और पीड़िता भी गंभीर रूप से घायल हो गई है। पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर और मालिक पकड़े गए हैं जो फतेहपुर के रहने वाले हैं।

दरअसल इस पूरे मामले पर पीड़िता की बहन ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया है कि इस घटना को किसी और नहीं बल्कि खुद विधायक के आदमियों ने अंजाम दिया है। पुलिस इस मामले की जांच में लगी हुई है। मगर इस एक्सीडेंट पर सवाल उठने लगे है और विपक्षी दल अब सीबीआई जांच की मांग करने लगे है।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- उन्नाव रेप पीड़िता के साथ ऐक्सिडेंट क्या महज़ इत्तेफाक है? पीड़िता के साथ सुरक्षा कर्मी क्यों नही थे? ऐसे चर्चित मामले में CBI की जाँच के बावजूद लम्बे समय तक न्याय क्यों नही मिला?

उन्होंने कहा कि ऐसे घिनौने अपराध में जेल में बंद विधायक से भाजपा का सांसद जेल में क्यों मिलने गया? “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का राग अलापने वाली भाजपा ने विधायक को अब तक अपनी पार्टी से क्यों नही निकाला?

गौरतलब हो कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर ने उसके साथ 4 जून, 2017 को अपने आवास पर दुष्कर्म किया था। जहां वो अपने एक रिश्तेदार के साथ नौकरी मांगने के लिए गई थी।

बता दें कि बीजेपी विधायक होने के चलते सेंगर को गिरफ्तार करने में देरी लगी थी। सेंगर के खिलाफ उन्नाव के माखी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शासन ने इस आदेश में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की थी, जिसे एजेंसी ने स्वीकार कर लिया था। कुलदीप सेंगर उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से चार बार से लगातार विधायक है।

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