बीते कुछ दिनों से कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। हरियाणा-दिल्ली के कई बॉर्डर्स पर लाखों की तादाद में जुटे हुए हैं।

हरियाणा सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों को रोकने की तमाम कोशिशें की जा रही है। कांग्रेस के बाद अब दिल्ली सरकार ने किसानों को समर्थन देने की घोषणा की है। केजरीवाल सरकार ने किसानों की हर तरह की संभव मदद करने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि किसानों ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत करने की पेशकश को भी ठुकरा दिया है। किसानों का कहना है कि वह दिल्ली के रामलीला मैदान में जाने की कोशिश करेंगे।

हरियाणा दिल्ली बॉर्डर पर मोदी सरकार का विरोध कर रहे किसानों को अब महाराष्ट्र सरकार का भी समर्थन मिल गया है शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस मामले में किसानों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है।

शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि किसानों द्वारा किया जा रहा है यह आंदोलन दुनियाभर को एक संदेश है। मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लाखों करोड़ों किसान दिल्ली हरियाणा की सीमा पर शांतिपूर्वक तरीके से सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

लेकिन भाजपा की सरकार उन्हें आतंकवादी और खालिस्तानी बुला रही है। यह सिर्फ भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के किसानों का अपमान किया जा रहा है।

इस मामले में मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा है कि हरियाणा में जिस तरह से किसानों पर बल का प्रयोग किया जा रहा है। उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, लाठियां बरसाई जा रही हैं, उन पर बंदूकें तान कर डराने की कोशिश की जा रही है।

अगर सरकार ने यह बल प्रयोग चीन की सीमा पर किया होता तो लद्दाख में चीनी सैनिक नहीं घुसते।

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