भाजपा शासित हरियाणा में शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भाजपा नेताओं का विरोध कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया।

इस शर्मनाक कृत्य के लिए हरियाणा पुलिस और सरकार की हर तरफ आलोचना की जा रही है।

इस घटना के बाद पंजाब और हरियाणा में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कई विपक्षी नेताओं ने भी हरियाणा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।

इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि किसानों पर हमला होना इस देश के लिए बहुत शर्मनाक है।

यह एक प्रकार से तालिबानी मानसिकता है। जो किसान 2 साल से अपने न्याय के लिए दिल्ली उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर बैठे हैं।

उन पर लाठीचार्ज करने का आदेश सरकार के एसडीएम द्वारा दिया जाता है। इस बर्बर कार्रवाई पर सरकार को कोई दुःख नहीं होता है।

राउत ने आगे कहा, यह सरकार कैसे कह सकती है कि वह किसानों और गरीबों के हितेषी हैं। आप किसानों के मन की बात नहीं सुनते। जिन किसानों ने देश की स्वतंत्रता के लिए बड़ा योगदान दिया है। उन्हें आज भी गुलाम समझा जा रहा है।

गौरतलब किसान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की इस तरह की बर्बर कार्रवाई की यह कोई पहली घटना नहीं है।

इससे पहले भी पंजाब हरियाणा सीमा पर जुटे प्रदर्शनकारियों पर हरियाणा पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गई थी और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।

बीते साल से किसान संगठनों द्वारा कृषि कानूनों को काले कानून बताते हुए दिल्ली हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आंदोलन चलाया जा रहा है।

इस आंदोलन को भी लगभग 10 महीने होने जा रहे हैं। लेकिन अब तक किसानों की मांगों को स्वीकार नहीं किया गया है।

जिसके चलते पंजाब और हरियाणा में भाजपा के नेताओं का कड़ा विरोध किया जा रहा है। यहाँ तक कि भाजपा के कोई कार्यक्रम नहीं होने दिए जा रहे हैं।

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