सोनभद्र में मिड डे मील में 81 बच्चों को एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर पिलाने पर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है। मिर्जापुर में ‘मिड डे मील’ में बच्चों को नमक रोटी देने के बाद अब पड़ोसी जिले सोनभद्र में मिड दे मील में एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर बच्चों को दिया गया।

समाजवादी पार्टी ने कहा है कि, “बच्चों की किताबें निगल गए। बच्चों की थाली खा गए। बच्चों के जूते मोज़े स्वेटर चुरा लिए। बच्चों के स्कूल बैग बेच दिए। अब सोनभद्र के सरकारी स्कूल में भ्रष्टाचारी, बच्चों का दूध तक पी गए। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग से अपनी काली तिजोरी भरने में लगी बीजेपी सरकार की भूख कब मिटेगी?”

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करके योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि, “दिखावटी भाजपा सरकार मिलावटी पोषण-आहार!”

बता दें कि यूपी सरकार प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को सर्दियों से पहले स्वेटर वितरित करती है। पिछले साल बच्चों के स्वेटर वितरण करने में भारी गड़बड़ी सामने आई थी। मगर, योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश के ‘मासूम बच्चों’ के ‘शरीर’ और उनके ‘भविष्य’ के साथ खिलवाड़ कर रही है।

गौरतलब है कि, मामला सोनभद्र के चोपन विकासखंड के कोटा ग्राम पंचायत के सलईबनवा प्राथमिक विद्यालय का है। विद्यालय के मेन्यू के मुताबिक बुधवार को बच्चों को तहरी और दूध देना था। लेकिन यहां एक लीटर दूध को 81 बच्चों में बांटने के लिए इसमें एक बाल्टी पानी मिला दिया गया। मासूम बच्चे इस बात से अनभिज्ञ थे कि उन्हें दूध के नाम पर पानी पिलाया जा रहा है।

नियम के अनुसार बुधवार को स्कूल के बच्चों को तहरी और 150 एमएम दूध दिया जाना था। इस स्कूल में 171 बच्चों का नाम पंजीकृत है। बुधवार को स्कूल में 81 बच्चे पढने आए थे। शर्मशार करने वाली बात ये है कि इन 81 बच्चों को पीने के लिए एक लीटर दूध भेजा गया था। ‘नादान’ बच्चों को लगे कि वो एक गिलास दूध पी रहे हैं, इसीलिए एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलकर बच्चों में बाँट दिया गया। अगर सभी 171 बच्चे स्कूल आए होते तो शायद एक की जगह दो-तीन बाल्टी पानी मिला दिया जाता।