एक सोचे-समझे प्रोपेगेंडा के तहत मीडिया और सोशल मीडिया में चलाया जाता है कि ‘विपक्ष’ कमजोर है। विपक्ष नकारा है जो नरेंद्र मोदी और भाजपा के सामने कहीं नहीं टिकता। मगर असल हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।

विपक्ष में विपक्ष की भूमिका निभाने का पूरा माद्दा है, जोकि सड़कों पर दिखाई दे रहा है।

मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पटियाला में एक बड़ी प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। पत्रकारों के बीच राहुल ने यहां खुलकर मीडिया की स्वंतंत्रता और जकड़ी हुई संस्थाओं पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि,

“किसी देश का विपक्ष एक ढ़ांचे के तहत काम करता है। प्रेस, न्यायिक व्यवस्था, लोगों की आवाज़ उठाने वाली संस्थाएं उस ढ़ांचे का हिस्सा होते हैं।

उस पूरे ढ़ांच पर BJP का नियंत्रण है। विपक्ष को कमज़ोर कहना ठीक नहीं। मुझे फ़्री प्रेस और संस्थान दीजिए ये सरकार टिक नहीं पाएगी।”

इस प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे।

यही नहीं राहुल ने भारत-चीन के गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केओ लेकर कहा कि, “भारत माता की बात करते हैं, भारत माता की 1200sq KM ज़मीन चीन को दे दी बस अपनी इमेज बचाने के लिए।

चीन को पता है कि ऊपर बैठा ये आदमी सिर्फ़ अपनी इमेज की रक्षा करता है। वे अकेले टनल में जाएँगे हाथ हिलाएँगे मीडिया दिखाता है। बुलाइए मोदी जी तो कभी यूँ प्रेस कॉंफ़्रेंस में।”

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