भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ की पुष्टि करने वाले गोपनीय दस्तावेज रक्षा मंत्रालय ( MOD ) की वेबसाइट से गायब हो गए हैं। NDTV की खबर के मुताबिक़, गोपनीय दस्तावेज़ वाला पेज वेबसाइट से मिसिंग हैं और लिंक क्लिक करने पर नहीं खुल रहा है।

वेबसाइट से ग़ायब हुए दस्तावेज़ में रक्षा मंत्रालय ने माना था कि मई माह की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में चीन ने घुसपैठ की थी। लेकिन वेबसाइट पर जैसे ही ये दस्तावेज़ अपलोड किए गए, मीडिया में ये ख़बर सुर्खियां बटोरने लगीं और विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से दस्तावेज़ को हटा दिया गया।

दरअसल, रक्षा मंत्रालय हर महीने की गतिविधियों को लेकर एक ब्योरा जारी करता है। जून महीने की प्रमुख गतिविधियों को लेकर भी 4 अगस्त को मंत्रालय की वेबसाइट पर एक ब्योरा जारी किया गया था। जिसमें चीनी घुसपैठ की बात को स्वीकारा गया था।

वेबसाइट पर दिए गए ब्योरे में कहा गया था कि ‘लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर लगातार चीन की आक्रामकता बढ़ती जा रही है और 5 मई 2020 से गलवान घाटी में खासतौर पर इसमें इजाफा हुआ है। चीनी सेना ने PP-15 कुगरांग नाला, गोगरा यानी PP 17 A और पैंगोंग लेक के नॉर्दर्न बैंक पर 17-18 मई को घुसपैठ की थी।

घटपैठ के ये दस्तावेज़ सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। उन्होंने बेहद सख़्त लहजे में कहा था कि पीएम मोदी झूठ बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम चीन के सामने खड़े नहीं हो सकते हैं। माना जा रहा है कि मंत्रालय ने वेबसाइट से दस्तावेज़ राहुल गांधी के इसी हमले के बाद हटाए हैं।

हालांकि अभी तक मंत्रालय की ओर से इस मामले में कोई सफाई नहीं दी गई है। वहीं राहुल गांधी ने दस्तावेज़ हटाए जाने को लेकर एक बार फिर पीएम मोदी पर हमला बोला है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “चीन का सामना करना तो दूर की बात, भारत के प्रधानमंत्री में उनका नाम तक लेने का साहस नहीं है। इस बात से इनकार करना कि चीन हमारी मातृभूमि पर है और वेबसाइट से दस्तावेज़ हटाने से तथ्य नहीं बदलेंगे”।

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