केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ कल सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अगले आदेश तक तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगा दी गई है।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों ने इस आंदोलन को रोकने से इंकार कर दिया है।

आज किसान आंदोलन का 49 वां दिन चल रहा है। दरअसल बीते डेढ़ महीने से चल रहे इस किसान आंदोलन में अब तक 60 से ज्यादा किसानों ने अपनी जान गवां दी है। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड में किसान डटकर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।

इस कड़ी में एक बार फिर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि “60 से ज़्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!”

दरअसल किसान संगठनों द्वारा 26 जनवरी के दिन प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च निकाले जाने पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

याचिका में केंद्र सरकार ने कहा है कि गणतंत्र दिवस के समारोह को बाधित करने के लिए इस तरह के मार्च निकाले जाने से देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।

गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने किसान आंदोलन में मर रहे किसानों को लेकर पहले भी कई बार चिंता जाहिर की है। राहुल गांधी भाजपा द्वारा लाई गई इन दिनों कृषि कानूनों के विरोध में पहले से ही किसानों का पक्ष लेते रहे हैं।

इसके साथ ही किसान आंदोलनकारियों ने लोहड़ी के मौके पर नहीं कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध जताने का ऐलान किया है।

इसके साथ ही किसान संगठनों का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी के समक्ष पेश नहीं होंगे। यह सरकार की एक चाल है। जिससे किसान आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है।

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