सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। यह वीडियो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच यानि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ( world economic forum) का है।

चंद सेकेंड के इस वीडियो पर काफी सवाल उठ रहे हैं। इंटरनेशनल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वीडियो में बोलते-बोलते रूक जा रहे हैं।

इस मंच पर सामने बैठे WEF के फाउंडर प्रोफेसर क्लॉस श्वाब ( Klaus Schwab) भी अंचभित हो जाते हैं। पीएम मोदी की निगाहें दूसरी तरफ जाती हैं और वहीं प्रधानमंत्री बोलते-बोलते अचानक थम जाते हैं.

फिर वह अपने ट्रांसलेटर को पूछने लगते हैं क्या उनकी आवाज उनतक पहुंच रही है।। फिर वहां से आवाज़ आती है हाँ एकदम ठीक आवाज आ रही है।

WEF के फाउंडर का नाम लेते हुए समय भी प्रधानमंत्री की जुबान लड़खड़ाने लगती है।

इस वीडियो के वायरल होने पर तमाम तरह के हंसी मजाक सोशल मीडिया पर बनाए जा रहे हैं लेकिन इसको कुछ लोग काफी गंभीर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की इज्ज़त से भी जोड़कर सवाल उठा रहे हैं

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी लिखते हैं कि, भारत की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी होने के तौर पर आपको इस मुद्दे पर गंभीरता से बात करनी चाहिए

प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की पूरी दुनिया के सामने फ़ज़ीहत कराई है। ये हास्य का विषय नहीं है , गंभीर सवाल उठाने का विषय है।

पत्रकार ने कांग्रेस को इसपर मजाक बनाने की वजह गंभीरता से सवाल उठाने की बात की।

आपको बता दें कि इस आर्थिक मंच के वर्चुअल संबोधन में दुनिया भर के बड़े नेता मौजूद रहे। दावोस एजेंडा 2022 के इस कार्यक्रम चीनी,इजरायली, आस्ट्रेलिया सहित कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों की मौजूदगी रही।

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