‘बंधुआ मुक्ति मोर्चा’ के पुरोधा और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश को एक बार फिर निशाना बनाया गया है। शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने जा रहे स्वामी अग्निवेश को मारने की कोशिश की गई है।

समय रहते अगर घटना पर काबू नहीं पाया जाता तो स्वामी अग्निवेश की मॉब लिंचिंग हो सकती थी। ये घटना बीजेपी दफ्तर के सामने हुई। आरोप है कि स्वामी अग्निवेश पर हमला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की है।

बता दें कि 16 अगस्त शाम पांच बजकर पांच मिनट पर पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर वाजपेयी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं।

स्वामी अग्निवेश भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने गए थें। लेकिन मारपीट की घटना होने के बाद वो वाजपेयी को श्रद्धांजलि नहीं दे पाए और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

शुक्रवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय लाया गया था, यहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद यहां से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक वाजपेयी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और शाम चार बजे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।