साल की शुरुआत में पहले कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण किया जा रहा है।

भारत में जहां कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मंजूरी दी गई है। वहीं दुनिया के कई देशों में फाइजर की कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है।

इसी बीच खबर सामने आई है कि नॉर्वे में फाइजर की कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कई लोगों में साइड इफेक्ट नजर आने लगे हैं।

यहां तक कि नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन लगवाने के कुछ समय बाद 23 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है।

इनमें से 13 लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण उनकी जान गई है। मौतों के बाद अमेरिका द्वारा निर्मित फ़ाइज़र वैक्सीन पर सवाल उठने लगे हैं।

बात की जाए भारत की तो कल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का शुभारंभ कर दिया है। लेकिन ज्यादातर लोगों में इस वैक्सीन को लेकर अभी भी आशंका बनी हुई है

इस मामले में पत्रकार विनोद कापड़ी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि “Norway में Covid Pfizer vaccination के बाद 23 मौत हुईं हैं। अब समझ में आया कि भारत में प्रधानमंत्री समेत कोई भी नेता क्यों नहीं Covid vaccine नहीं ले रहा ?? दवा पर भरोसा है तो प्रधानमंत्री क्यों नहीं उदाहरण पेश करते ?”

आपको बता दें कि विपक्षी पार्टियों द्वारा यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी द्वारा वैक्सीन का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।

बिना सोचे समझे लिए गए इस फैसले पर अगर भाजपा इतनी ही आश्वस्त है। तो पार्टी के नेता इस वैक्सीन को लगवाने के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे हैं।

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