नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं. उन्होनें वहां पर एक रैली में विवादस्पद बयान दे डाला जिसके चलते उनपर सवाल उठने लगे हैं.

उन्होनें तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “23 मई को जब नतीजे आएंगे तो तुम्हारे विधायक तुम्हे छोड़कर भाग जाएंगे, आज भी तुम्हारे 40 विधायक मेरे संपर्क में है दीदी.”

भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने ये बयान अपनी सीरमपुर की रैली में जनता को संबोधित करते हुए दिया है. अब नरेंद्र मोदी शक के दायरे में आ गए हैं. लोगों ने सवाल उठाया कि क्या नरेंद्र मोदी ममता बनर्जी को पहले से ही चेतावनी दे रहे हैं? क्या उनका कहना है कि वो TMC के 40 विधायकों को 23 मई के बाद खरीद लेंगे?

एक तरफ देश के लिए लड़ने वाला शख़्स है दूसरी ओर जवानों की लाशों पर वोट माँगने वाला शख़्स है

नरेंद्र मोदी के इस बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा, “हमारी पार्टी पोल पैनल से प्रधान मंत्री मोदी की rallies में हुए खर्चे का हिसाब मांगेगी. अगर चुनाव आयोग दूसरों से उनके खर्चे का ब्यौरा ले सकता है, तो उनसे क्यों नहीं?”

इसी पर ध्रुव राठी ने ट्वीट किया, “तो हमारे प्रधानमंत्री चुनावी नतीजों से पहले ही नेताओं को खरीदने की धमकी दे रहे हैं? वो 40 MLAs को अपना पाला बदलने के लिए कितना दाम देंगे?”

इससे पहले भी नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैलियों में आपत्तिजनक बयान दिए हैं. चुनाव आयोग के मना करने के बाद भी उन्होनें सेना के नाम पर वोट मांगे हैं.

जब नरेंद्र मोदी इस तरह से खुले आम नेताओं को ख़रीदने की धमकी देंगे, तो लोगों का लोकतंत्र पर विश्वास कैसे बना रहेगा? जब चुनाव आयोग उनकी हर गलती को माफ़ करता रहेगा, तो लोगों का लोकतंत्र पर विश्वास कैसे बना रहेगा?