भाजपा शासित असम में सरकार ने दरांग जिले के धालपुर गांव में 800 परिवारों के घरों को नष्ट कर दिया है। जिसपर सरकार द्वारा अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है।

जिस इलाके में सरकार ने यह अभियान चलाया है। उस इलाके में ज्यादातर पूर्वी बंगाल के मूल वाले मुस्लिम परिवार रह रहे हैं।

असम में बीते 3 महीने में ऐसा दूसरी बार हुआ है। इससे पहले जून में जिला प्रशासन ने इसी तरह की कार्रवाई की थी।

बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद गुरुवार को स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प उस वक्त हुई है। जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम अवैध अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए इलाके में पहुंची थी। इस हिंसक झड़प में 2 प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से मौत हुई है।

इस मामले में माकपा नेता कविता कृष्णन ने देश के गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है।

उन्होंने तो ट्वीट कर लिखा है कि अमित शाह ने पूर्वी बंगाली मूल के मुसलमानों को “दीमक” कहकर NRC CAA का प्रचार किया. Amit Shah दीमक के शव पर नाचकर किसी को ऐसा चरम आवेग नहीं होता.

यह इंसान की हत्या से पैदा नफ़रत की नशा है, आपके शब्दों का सीधा नतीजा है. दुनिया देख रही है।

इस ट्वीट में माकपा नेता कविता कृष्णन ने एक वीडियो में शेयर की है। जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह से पीटा जा रहा है।

इसके साथ ही वीडियो में लगातार गोलियां चलने की आवाज भी आ रही है। वीडियो में एक शख्स बुरी तरह से पिटने के बाद जमीन पर घायल पड़ा हुआ है।

पुलिस के साथ वहीँ कैमरा हाथ में पकड़े हुए एक शख्स जमीन पर पड़े शख्स को बुरी तरह से पीट कर क्रूरता और नफरत का उदाहरण पेश कर रहा है।

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