हरियाणा के बॉर्डर पर अभी भी किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों के समक्ष रखी गई पेशकश को उन्होंने स्वीकारने से इंकार कर दिया है।

दरअसल दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की इजाजत दी है।

लेकिन किसानों का कहना है कि वहां पर ऐसे कई सुविधाएं मौजूद नहीं है, जिनकी उन्हें जरूरत है। किसानों ने सरकार से दिल्ली के रामलीला मैदान की मांग की है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने कल रात सिंघु बॉर्डर पर ही गुजारी है और सुबह से वहीं पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि वह यहां से नहीं हटेंगे। पंजाब के किसानों पर हरियाणा सरकार द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि ये आंदोलन राजनीतिक है।

भाजपा के कई नेताओं द्वारा किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। योगी सरकार के मंत्री द्वारा किसानों को गुंडा तक करार दिया जा चुका है।

इस मामले में युवा नेता कन्हैया कुमार ने भाजपा पर निशाना साधा है। कन्हैया कुमार ने ट्वीट कर लिखा है कि “सुनो साहेब!! ये किसान हैं, बेज़ुबान सरकारी संस्थान नहीं कि अपने दोस्तों के हाथ औने-पौने दाम में बेच दोगे।”

गौरतलब है कि कन्हैया कुमार ने अपने इस ट्वीट से मोदी सरकार और उनके करीबी पूंजीपतियों पर हमला बोला है।

दरअसल मोदी सरकार पर यह आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने देश के बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए नए कृषि कानून लागू किए हैं जो कि किसान विरोधी हैं।

आपको बता दें कि सिंघु बॉर्डर पर जुटे हुए किसानों के लिए विभिन्न जगहों से लोग लंगर लेकर आ रहे हैं। ताकि किसानों को किसी भी तरह की कमी ना आए।

किसानों का कहना है कि हम यहां लंबी लड़ाई के लिए जुटे हैं। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। हम अपने साथ कई महीनों का राशन साथ लेकर आए हैं।

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