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मध्य प्रदेश में दिनोंदिन किसानों की हालत बदतर होती जा रही है। आगर मलाव के तनोड़िया में समर्थन मूल्य के तहत गेहूं खरीदी केंद्र पर गेहूं तुलवाने के समय एक किसान की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि किसान को गेहूं तुलवाने के लिए सात दिनों तक भीषण गर्मी में इंतेज़ार करना पड़ा, जिसके चलते उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। किसान की पहचान 45 वर्षीय प्रेम सिंह के रूप में हुई है, जो मलवासा का रहने वाला था।

किसान की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दुख जताया है और इसके लिए शिवराज सरकार की नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि प्रदेश में किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। प्रेम सिंह की परेशानियों व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गई।

उन्होंने कहा, इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केन्द्र पर बुलाया गया था। 4 दिन इंतज़ार के बाद उसके उपार्जन केन्द्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया। 25 मई को 6 दिन बाद उसका नंबर आया, तभी अपनी फ़सल बेचने को लेकर गर्मी में निरंतर भटक रहे, तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुखद मौत हो गई।

कमलनाथ ने शिवराज सरकार से किसान की हरसंभव मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खरीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गई। इसकी ज़िम्मेदार सरकार व उसकी नीतियां है। सरकार मृत किसान के परिवार की हरसंभव मदद करे, इस किसान की मौत के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई कराई जाए।

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