देश के 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल की तरह दिल्ली के राजपथ पर परेड निकाली गई। इस परेड में भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन किया।

अलग-अलग राज्यों की झाकियों के साथ अपनी सैन्य ताकत दिखाई इस बार मुख्य परेड में राफेल के लड़ाकू विमान को भी हिस्सा बनाया गया।

देश के प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने इस ख़ास मौके पर स्पेशल पगड़ी पहनी है। जो उन्हें गुजरात के जामनगर की रॉयल फैमिली द्वारा तोहफे में दी गई है। बता दें, गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है।

किसानों का समर्थन करते हुए पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने रॉयल पगड़ी पहने हुए पीएम मोदी की तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि “यह जंग रॉयल पगड़ी और किसान की पगड़ी के बीच की है।”

दरअसल किसानों की ट्रेक्टर परेड से पहले दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई गई हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति दिए जाने के बावजूद भी किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर किए गए लाठीचार्ज के बाद अब अक्षरधाम मंदिर के पास भी ट्रैक्टर परेड के बीच आगे बढ़ रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। कई जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों और सरकार के बीच ये पगड़ी की लड़ाई बन गई है। बता दें, पंजाब में पगड़ी को किसानों की इज्जत कहा जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहनी गई रॉयल पगड़ी और किसानों की पगड़ी के बीच बहुत बड़ा अंतर है। किसान इस देश के अन्नदाता है जो अपने मेहनत के बलबूते, खून पसीने की कमाई करते हैं। इसकी कीमत भाजपा नहीं समझ सकती।

इस मामले में किसान नेता का कहना है कि पुलिस की वजह से किसानों में भ्रम पैदा हुआ है। जो रूट तक ट्रेड के लिए तय किया गया था। उसी पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। इसलिए बैरिकेडिंग हटाए गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five + 19 =