हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन की वजह से राज्य की खट्टर सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे है। निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान के इस्तीफे के बाद अब खाप पंचायतों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

कई खाप पंचायतों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि राज्य में मौजूद निर्दलीय विधायकों पर यह दबाव बनाया जाएगा कि वह खट्टर सरकार को दिया गया अपना समर्थन वापस ले। नहीं तो उनकी गाँवों में एंट्री बंद कर दी जाएगी।

बीते हफ्ते पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर खट्टर सरकार द्वारा किसानों पर जिस तरह की क्रूर कार्रवाई की गई थी।

उसके चलते हरियाणा के किसानों और खाप पंचायतों में भारी रोष देखने को मिला है। किसानों के समर्थन में भारी तादाद में लोग खट्टर सरकार के विरोध में आ गए हैं।

अब खबर सामने आ रही है कि हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी चेतावनी दे डाली है कि अगर किसानों के एमएसपी पर आंच आई तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। जजपा ने मोदी सरकार से आंदोलन कर रहे किसानों की समस्या का हल जल्द से जल्द निकालने की बात कही है।

गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा के पास 40 विधानसभा सीटें हैं। राज्य में मनोहर लाल खट्टर की सरकार जजपा के समर्थन से बनी हुई है।

इससे पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के छोटे भाई दिग्विजय चौटाला भी यह ऐलान कर चुके हैं कि 3 दिसंबर को होने वाली मीटिंग के बाद ही सबकुछ तय किया जाएगा।

माना जा रहा है कि जजपा ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा को अल्टीमेटम दे दिया है।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के मुद्दे पर आज मोदी सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत होने वाली है। किसानों ने ऐलान किया है कि अगर मोदी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 5 दिसंबर को बड़े स्तर में प्रदर्शन किया जाएगा।

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