Hemant Soren

कोरोना संकटकाल में जब ज़्यादातर राज्यों ने अपने मज़दूरों से मुंह फेर लिया है, तब झारखंड ने अपने राज्य के मज़दूरों को लेह से एयरलिफ्ट करा कर शानदार पहल की है। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने लेह से 60 मज़दूरों को एयरलिफ्ट कराया है, जिन्हें अब झारखंड पहुंचाया जा रहा है।

बता दें कि लॉकडाउन के कारण झारखंड के कई मज़दूर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में फंसे हुए हैं। ऐसे ही मज़दूरों की मदद के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में कहा था कि इन इलाकों के मज़दूरों को एयरलिफ्ट करा कर झारखंड लाने की अनुमति दी जाए।

12 मई को झारखंड सरकार ने इन फंसे मजदूरों को एयर लिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि गृहमंत्रालय ने तब इसकी तत्काल अनुमति नहीं दी थी। लेकिन 25 मई के बाद जब हवाई सेवा शुरू हुई तब हेमंत सोरेन ने फिर इसकी पहल की।

झारखंड सरकार ने लद्दाख प्रशासन से मिलकर सभी 60 मजदूरों की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उनके उड़ान की तैयारी हुई। वे जेट के हवाई जहाज से वहां से 12 बजे चले और 2 बजे दिल्ली पहुंच गए। फिर दिल्ली से दूसरे विमान से उन्हें रांची लाया गया।

60 मज़दूरों को एयरलिफ्ट कराने के साथ झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने मज़दूरों की मदद के लिए हवाई जहाज़ का इस्तेमाल किया है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अब तक राज्य में लगभग 4 लाख मजदूरों को दूसरे राज्य से वापस लाया जा चुका है।

झारखंड सरकार विदेशों में फंसे झारखंड के लोगों की मदद भी कर रही है। इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से एयर एशिया की फ्लाइट से 174 प्रवासी मजदूर मुंबई से अपने गृह राज्य झारखंड लौटे।

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