भारतीय जानता पार्टी (BJP) और पीएम नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात करते हैं। इतनी अच्छी बातें की जाती हैं कि अन्य दूसरे दल को उनके सामने छोटा और तुच्छ दिखाया जाता है।

लेकिन बीजेपी और पीएम नरेन्द्र मोदी के ये दावे सरासर झूठे हैं। क्योंकि बीजेपी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए कई भ्रष्टाचारियों और हत्यारों को टिकट दिया है। बीजेपी ने रविवार को झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए 52 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी।

इस लिस्ट में सबसे पहले और सबसे बड़ा नाम भानु प्रताप शाही का है। भानु प्रताप शाही 130 करोड़ रुपये के दवाई घोटाले के आरोपी हैं। इस घोटाले में सीबीआई और ईडी की चार्जशीट में शाही का नाम दर्ज है। झारखंड की मधु कोड़ा सरकार में भानु प्रताप शाही कैबिनेट स्वास्थ्य मंत्री थे।

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ये दवाई घोटाला नेशनल रूरल हेल्थ के तहत वर्ष 2006 से 2008 के बीच का है। इस दौरान झारखंड में मधु कोड़ा की सरकार थी। दरअसल, नियमों के मुताबिक नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत सरकार सार्वजानिक क्षेत्र की दवाई कंपनियों से ही दवाई खरीद सकती है।

मगर झारखंड की मधु कोड़ा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री शाही ने नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए निजी क्षेत्र की 19 दावा कंपनियों से महंगे दामों में दवाई खरीदी थी। बाद में इसके बदले दवाई कंपनियों ने इन नेताओं को भारी भरकम घूस दिया था।

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इसी घोटाले के तहत भानु प्रताप शाही को 2011 में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 2013 में शाही को जमानत पे रिहा कर दिया गया। वहीं शाही पर 4,000 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल रहने का भी आरोप है।

भाजपा ने शशि भूषण मेहता को पांकी से टिकट दिया है। मेहता अपने ही स्कूल की शिक्षिका की हत्या के आरोपी हैं। ये दोनों ही नेता दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए हैं।

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