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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से दो दिन पहले यानी 16 अप्रैल (मंगलवार) को तमिलनाडु के तूतीकोरिन से डीएमके की लोकसभा उम्मीदवार के. कनिमोझी के घर आयकर विभाग ने छापेमारी की।

आयकर विभाग ने ये छापेमारी निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की निगरानी में की। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को ये टिप मिली थी कि कनिमोझी के तूतीकोरिन के कुरिंची नगर वाले आवास की पहली मंज़िल पर  ‘बहुत सारी नकदी’ जमा की जा रही है। इसी टिप के आधार पर आयकर विभाग के 10 अधिकारियों ने मंगलवार शाम को कनिमोझी के घर पर छापा मारा।

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हालांकि, आईटी सूत्रों ने बाद में कहा कि यह एक ‘गलत टिप’ थी। इसलिए इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। वहीं मतदान से ठीक पहले अपने घर आयकर विभाग की छापेमारी को कनिमोझी ने राजनीतिक द्वेष से परिपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसा करके बीजेपी मुझे चुनाव जीतने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इस छापेमारी को गैर लोकतांत्रिक और सुनियोजित भी कहा। कनिमोझी ने आगे कहा कि आयकर छापे में कोई भी दस्तावेज नहीं मिला जिसके खिलाफ वे मुझ पर कार्रवाई कर सकें।

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उन्होंने कहा, “पिछले 5 सालों में, हर सरकारी एजेंसी का शोषण किया गया है, वे बीजेपी का हिस्सा बन गए हैं। CBI, ED, RBI IT, EC सभी के साथ समझौता किया गया है। केवल विपक्षी नेताओं को बार-बार निशाना बनाया गया है”।

बता दें कि तमिलनाडु में 18 अप्रैल को 39 सीटों के लिए मतदान होने हैं इसके दो दिन पहले कनिमोझी के यहां रेड मारी गई है। कनिमोझी डीएमके चीफ एमके स्टालिन की बहन हैं।