उत्तर प्रदेश में भीड़ अब उग्र होती जा रही है। ताजा मामला फतेहपुर जिले का है जहां एक मदरसे के पास कथित तौर पर  गोवंश के अवशेष मिलने पर भीड़ ने मदरसे पर हमला कर दिया। आनन फानन में जब पुलिस को इस घटना की ख़बर लगी तो मौके पर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है, मगर ग्रामीणों की माने तो ये हमला पुलिस की लापरवाही से हुआ है।

दरअसल फतेहपुर जिले के बेहटा गांव में जहां सोमवार शाम मदरसे के पीछे तालाब के पास गोवंश अवशेष मिला था। जिसे देख आराजक लोग गुस्से में थे पुलिस ने इस बात की सूचना मिलते ही अवशेष को गड्डे में दबवा दिया था। मगर अगली सुबह एक बार फिर अवशेष मिलने की बात सामने आई।

इस बात की जानकारी जैसे गुस्साए लोगों को लगी तो वो लाठी डंडा लेकर मदरसे पहुँच गए और मदरसे में तोड़फोड़ कर मदरसे पर पहले पथराव किया और फिर मदरसे को आग के हवाले कर दिया।

इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पहले पुलिस ने आग बुझाई फिर आक्रोशित भीड़ को पुलिस ने खदेड़ दिया। उसके बाद वहां भारी फ़ोर्स तैनात किया। फ़िलहाल डीएम संजीव सिंह व एसपी रमेश कैंप पर मौजूद हैं। मगर गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अब ऐसे में सवाल जो सबसे पहले यूपी पुलिस के रवैये पर उठता है। वो ये की जब गाँव में माहौल तनाव भरा था तो मदरसे या आसपास के इलाके में फ़ोर्स क्यों नहीं तैनात की गई। दूसरा ये की जब गोवंश अवशेष मिलने पर विवाद को टाला क्यों गया उसे सुलझाया क्यों नहीं गया?

क्या पुलिस के ऐसे ढीले ढाले रवैये से गुस्साई भीड़ को बल नहीं मिला। क्योंकि अगर गाँव वालों की माने तो ये मामला इतना नहीं बढ़ता अगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया होता। इससे पहले प्रदेश में गुस्साई भीड़ के कई मामले सामने आ चुके है। उन्नाव में भी क्रिकेट खेल रहें मदरसे में पढ़ने वालों बच्चों के साथ पहले मारपीट की फिर जबरन धार्मिक नारा लगाने की बात सामने आई थी।