Digvijaya Singh

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे आखिरकार एक हफ्ते बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है। उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से गिरफ़्तार किया गया। पुलिस विकास दुबे को पिछले एक हफ्ते से तलाश कर रही थी। विकास के ऊपर ढ़ाई लाख रुपए का ईनाम भी रखा गया था।

विकास की इस तरह अचानक दूसरे राज्य से हुई गिरफ़्तारी पर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दुबे की इस गिरफ्तारी को प्रायोजित सरेंडर बताया है।

उन्होंने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि दुबे की गिरफ्तारी पहले से प्लान किया गया सरेंडर है। जिसमें राज्य के वरिष्ठ बीजेपी नेता की भूमिका है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेण्डर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। जय महाकाल।”

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग भी की। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “मैं शिवराज जी से विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर की न्यायिक जॉंच की मॉंग करता हूँ। इस कुख्यात गेंगस्टर के किस किस नेता व पुलिसकर्मियों से सम्पर्क हैं जॉंच होना चाहिए। विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखते हुए इसकी पुख़्ता सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि सारे राज़ सामने आ सकें।

बता दें कि पिछले एक हफ्ते से उत्तर प्रदेश पुलिस विकास दुबे की तलाश कर रही थी। ऐसा माना जा रहा था कि अगर दुबे यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ता है तो उसका एनकाउंटर हो सकता है।

लेकिन इससे पहले यूपी पुलिस उसे तलाश कर पाती मध्य पुलिस ने उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ़्तार कर लिया। विकास मंदिर में छुपा है इस बात की जानकारी मंदिर के ही एक एक गार्ड ने पुलिस को दी थी।

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