उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बीते दिनों किसानों के साथ हुई हिंसा के आरोपी आशीष मिश्रा पर सख्त कार्रवाई और उसके पिता गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर तमाम छात्र-छात्राएं गृह मंत्री अमित शाह के आवास के आगे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे प्रोटेस्ट को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बार दरिंदगी का उदाहरण पेश किया है।

दिल्ली पुलिस द्वारा प्रोटेस्ट कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं के गुप्तागों पर लात मारी गई। कई छात्राओं को इसमें गंभीर चोटें आई हैं। छात्राओं द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस द्वारा उनके मोबाइल भी छीन लिए गए।

पीड़ित छात्रा श्रेया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी आपबीती बताई है, जिसमें उसने लिखा है कि स्वयं उसके और एक अन्य छात्रा नेहा तिवारी के साथ पुलिस कर्मियों ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि अपमानित करने का हर संभव प्रयास किया।

छात्रा का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों ने पुरुषों के सामने कुर्ती उतरवाई और फिर बस में ले जाकर उनके गुप्तांगों पर लातों से प्रहार किया।

वीडियो में छात्रा बता रही है कि दिल्ली पुलिस द्वारा लड़कियों के साथ हो पूरी तरह से मारपीट की जा रही है।

इसके बाद एक ऑडियो जारी की गई है जिसमें साफ-साफ पीड़िता की आपबीती सुनाई दे रही है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की इस तरह की शर्मनाक करतूतें पहले भी कई बार देखने को मिल चुकी हैं।

भाजपा द्वारा महिला सुरक्षा के बड़े बड़े दावों के बीच दिल्ली पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आना मोदी सरकार और अमित शाह के शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े करता है।

आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा के पिता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अभी भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों द्वारा भाजपा सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो किसानों के हत्यारों को बचाने के कोशिश कर रहे हैं।

वहीँ लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड पर पुलिस कस्टडी में भेजा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen − twelve =