भाजपा शासित प्रदेशों में बीते कुछ वक्त से मुख्यमंत्री बदले जाने का सिलसिला चल रहा है। उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्रियों को बदला जा चुका है।

उत्तराखंड के साथ-साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को भी मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया।

अब खबर सामने आ रही है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने राज्य के गवर्नर आचार्य देवव्रत को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के अंदर यह परंपरा चलती रही है कि वक्त के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व में बदलते रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके विजय रुपाणी ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बातचीत की है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद संगठन में नई ऊर्जा के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है।

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में दो बार मुख्यमंत्रियों को बदला जा चुका है।

विजय रुपाणी से पहले गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन थी। लेकिन उनके खिलाफ जनता में असंतोष को देखते हुए भाजपा ने विजय रुपाणी को मुख्यमंत्री बनाया था।

गौरतलब है कि एक साल के अंदर ही भाजपा शासित राज्यों के तीन मुख्यमंत्रियों को पार्टी आलाकमान द्वारा बदला जा चुका है।

इस मामले में कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने भारतीय जनता पार्टी की चुटकी ली है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस्तीफे पर ट्वीट कर लिखा है कि

बहुत दिनों से विधायक खरीदकर अपना मुख्यमंत्री नही बना पाने की खुन्नस। मोदी-शाह BJP शासित राज्यों में अपने ही मुख्यमंत्री बदलकर निकाल रहे है… इसी कड़ी में गुजरात के CM भी नप गए..

वहीं दूसरे ट्वीट में कांग्रेस नेता ने अमित शाह के बेटे पर तंज करते हुए पूछा- क्या गुजरात के अगले मुख्यमंत्री जय शाह होंगे?

आपको बता दें कि मोदी सरकार पर गैर भाजपा शासित राज्यों में विधायकों की खरीद कर सरकार गिराने के आरोप लग चुके हैं। जिसमें मध्यप्रदेश, कर्नाटक का नाम शामिल है।

बीते साल राजस्थान में भी भाजपा द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग कर गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश की गई थी।

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