केंद्र की मोदी सरकार की हठधर्मिता के कारण आज किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जल्दबाजी में बिना किसानों से वार्ता और बगैर विपक्षी दलों से चर्चा किए मोदी सरकार ने किसानों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण बिल पास कर दिए।

इस बिल में प्रावधान है कि देश का किसान देश के किसी भी कोने में अपनी फसल बेच सकता है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं।

लेकिन किसान प्रदर्शनों के प्रमुख राज्य जहां भाजपा की सरकार है उस हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कह रहे हैं कि राजस्थान के किसान हरियाणा में अपनी फसल नहीं बेच सकते।

मनोहर लाल खट्टर सरासर पीएम मोदी की बात और कानून को तोड़ने की बात कर रहे हैं। अभी तक खट्टर के इस बयान पर बीजेपी से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सीएम मनोहर लाल ने ट्वीट करके कहा कि, “हरियाणा सरकार बाजरे की फसल का दाना-दाना खरीदने के लिए संकल्पबद्ध है। पिछले वर्ष हरियाणा में 3 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई थी। इस बार अब तक 7 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की जा चुकी है।”

खट्टर ने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि, “हरियाणा की अनाज मंडियों में बाजरा ₹2,150/ क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जबकि पड़ोसी राज्य राजस्थान में ₹1300 के भाव पर बाजरा बिक रहा है। इसलिए वहां से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की शिकायतें मिल रही हैं। वहां का बाजरा यहां बिकने नहीं दिया जाएगा।”

खुद प्रधनमंत्री मोदी के खास मुख्यमंत्री खट्टर ही उनकी बात मानने को मना कर रहे हैं। जबकि यही बात किसान इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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