पत्रकारों पर हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे है। अब उत्तराखंड में बीजेपी विधायक प्रणव चैंपियन ने न्यूज़ 18 के एक पत्रकार को सवाल पूछने पर धमकाया। विधायक इस बात से नाराज थे कि उन्हें लेकर एक रिपोर्ट चलाई गई थी। जिसमें कहा गया था कि वो उत्तराखंड सदन में पुलिस लिखे निजी वाहन उनके काफिले का हिस्सा है।

पत्रकार ने बस इतना सवाल किया था कि विधायक के काफिले में चलने वाली गाड़ी पुलिस की नहीं बल्कि निजी गाड़ी है। इसपर प्रतिक्रिया देने के बजाए या इस रिपोर्ट का खंडन करने के इस सवाल पर बीजेपी विधायक प्रणव चैंपियन को गुस्सा आ गया।

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वो लगातार पत्रकार को मारने तो उठे मगर कैमरा देख बैठ गए। इस बीच सवाल करने वाले पत्रकार राजीव तिवारी ने खुद को बचाने के लिए हाथ ऊपर किया था। जिसके बाद वो मामला शांत हुआ और पत्रकार को बाहर रास्ता दिखा दिया गया।

ये पहली बार नहीं है जब बीजेपी विधायक प्रणव चैंपियन का नाम विवादों में आया हो। इससे पहले भी वो महात्मा गांधी पर विवादित बयान दे चुके है। चैंपियन भाजपा के अनुशासन की धज्जियां उड़ाने के लिए जाने जाते है।

क्या कहा पत्रकार ने राजीव तिवारी ने ?

पत्रकार का कहना है कि जब विधायक दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने मुझे बुलवाया। उन्होंने पहले पत्रकारों को गाली देना शुरू कर दिया मैंने उन्हें मना किया मगर वो माने नहीं। इसके बाद उन्होंने फ़िल्मी अंदाज़ में पिस्टल मंगवाई और कहा बनाओ वीडियो। पत्रकार का कहना था कि उस दौरान हमने वीडियो नहीं बनाए क्योकि उनके सभी बॉडीगार्ड हथियारों से लैस थे।

उसके बाद उन्होंने पत्रकार से कहा देखिए सबके पास हथियार, मैं एक राजा का लड़का हूँ तुम्हारी औकात क्या है? जो हमारे खिलाफ इस तरह से बोल रहें हो।

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मैंने उनकी ऐसी बातों का विरोध किया क्योंकि मेरा काम पत्रिकारिता का है। मैं आपसे बदतमीज़ी से बात नहीं कर सकता हूँ लिहाजा मैं यहां से जा रहा हूँ। इसके बाद मैं उत्तराखंड सदन के ग्राउंड फ्लोर पर आ लगा। इसके बाद बीजेपी विधायक वहां भी आ गए। वहां भी उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया कि मैं राजा का लड़का हूँ।

इसपर पत्रकार ने जवाब दिया ये लोकतंत्र है राजशाही नहीं है। इसके बाद वो मुझे मारने उठे तो मैंने अपने कैमरापर्सन से कहा की आप वीडियो शूट करिए जब वीडियो शूट होने लगा तो वो रुक गए। पत्रकार का कहना था कि अगर कैमरा नहीं होता तो वो मुझे ज़रूर मारते

इस बात में कोई दो राय नहीं की जिस पार्टी से वो आते है। उस पार्टी ने पिछले दिनों पत्रकारों पर लगाम लगाने की कोशिश की है। ऐसे में प्रणव चैंपियन की इस हरकत के लिए अगर बीजेपी उन्हें पार्टी नहीं भी निकालती है तो इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं होगी।