केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

बीते कुछ वक्त से पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार का विरोध किया जा रहा है।

विरोध कर रहे किसानों की मांग है कि मोदी सरकार द्वारा लाया गया कृषि कानून वापिस ले। क्यूंकि ये किसान विरोधी कानून है।

इस मामले में किसानों को विपक्षी दल कई विपक्षी दलों का भी साथ मिल रहा है। अब खबर सामने आ रही है कि विपक्षी दलों के साथ-साथ अब भाजपा के भी कुछ नेताओं ने कृषि कानून को लेकर अपनी ही पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है।

हरियाणा के जींद से भाजपा नेता परमिंदर सिंह ढुल्ल ने भाजपा को छोड़ने का फैसला लिया है। इस बात की जानकारी देते हुए एबीपी न्यूज़ के पत्रकार आदेश रावल ने ट्वीट किया है।

जिसमें उन्होंने लिखा है कि हरियाणा में बरोदा सीट पर उपचुनाव से पहले पूर्व विधायक परमिंदर ढुल ने कृषि कानूनों के विरोध मे बीजेपी से इस्तीफ़ा दे दिया है। परमिंदर 2019 का विधानसभा चुनाव बीजेपी की टिकट पर लड़े थे।

आपको बता दें कि मीडिया से रूबरू होते हुए परमिंदर सिंह ढुल्ल ने कृषि कानून के खिलाफ बोलते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे भाजपा का काला कानून करार दिया है।

उनका कहना है कि इस कानून के तहत मोदी सरकार किसानों की जिंदगी पूंजीपतियों के हाथ में दे रही है। इस काले कानून से किसानों का कोई फायदा नहीं होगा बल्कि उनकी कमाई जीरो और जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों में मौजूद किसान परिवार से जुड़े नेताओं को इस कृषि कानून का बहिष्कार करने के लिए कहा है।

इससे पहले भी परमिंदर सिंह ढुल्ल इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर चुके हैं।

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