रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ़ अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। TRP घोटाला केस की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि अर्नब गोस्वामी ने अपने चैनल की TRP बढ़ाने के लिए ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व सीईओ दासगुप्ता को रिश्वत दी थी।

पुलिस ने ये दावा अर्नब और दासगुप्ता के बीच कथित वॉट्सऐप चैट के हवाले से किया है। पुलिस ने इस चैट को सबूत के तौर पर भी पेश किया है।

हालांकि पुलिस ने घूस देने वाली चैट को अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल नहीं किया है। दोनों के बीच बातचीत का डेटा ऑनलाइन भी लीक हुआ है। जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

चैट में अर्नब गोस्वामी ने कई मौकों पर दासगुप्ता की तरफ से राजनीतिक नेतृत्व से मध्यस्थता करने का प्रस्ताव भी दिया है। दिलचस्प बात तो ये है कि दोनों के बीच हुई चैट में

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से लेकर सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तक का नाम लिया गया है। इसमें जुलाई 2017 की एक चैट में दासगुप्ता ने अर्नब को टीआरपी का डेटा तक भेजा है।

पुलिस ने इसी चैट के हवाले से दावा किया है कि अर्नब ने रिपब्लिक टीवी के दो चैनलों को सबसे ज्यादा टीआरपी के साथ दिखाने के लिए दासगुप्ता को पैसे दिए थे। पुलिस ने दोनों के बीच हुई बातचीत के करीब 200 पन्ने अपनी चार्जशीट में शामिल किए हैं।

इन चैट्स में एक जगह BARC सीईओ भाजपा के लिए किए गए एहसानों के बारे में बताकर संस्थान के खिलाफ की जा रही शिकायतों से पल्ला झाड़ते हैं।

हालांकि, अर्नब गोस्वामी उन्हें पीएमओ और अन्य मंत्रियों से मध्यस्थता कराने का प्रस्ताव देते हैं और दावा करते हैं कि सभी मंत्री उनके साथ हैं।

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